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सासाराम डिज्नीलैंड मेले में बड़ा हादसा: तेज रफ्तार चकरी झूले का गेट खुला, बच्चे समेत कई लोग गिरे, आधा दर्जन घायल

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सासाराम के लंदन थीम डिज्नीलैंड मेले में चकरी झूले का गेट खुलने से बड़ा हादसा हो गया। कई लोग नीचे गिर पड़े, जिनमें एक बच्चा समेत आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं।

सासाराम / आलम की खबर:रोहतास जिले के सासाराम में चल रहे लंदन थीम डिज्नीलैंड मेले में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार चकरी झूले का सुरक्षा गेट अचानक खुल गया और उस पर बैठे कई लोग नीचे गिर पड़े। हादसा इतना अचानक हुआ कि मेले में मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। घटना के बाद पूरे मेले में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में एक 10 वर्षीय बच्चे समेत करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह हादसा पायलट बाबा आश्रम के समीप आयोजित मेले में हुआ, जहां शाम के समय बड़ी संख्या में लोग मनोरंजन के लिए पहुंचे थे। बच्चों और युवाओं में झूलों को लेकर काफी उत्साह था। इसी दौरान चकरी झूले पर कई लोग सवार होकर झूले का आनंद ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूला तेज गति से घूम रहा था, तभी अचानक उसका सुरक्षा गेट खुल गया। गेट खुलते ही झूले पर बैठे लोग संतुलन खो बैठे और नीचे गिर पड़े।

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी

घटना होते ही मेले में मौजूद लोग दहशत में आ गए। चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। कुछ लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े तो कई लोग अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने लगे। कुछ देर के लिए मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

स्थानीय लोगों और मेले के कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल लोगों को झूले के नीचे से निकालकर एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मेले के अन्य झूलों का संचालन भी रोक दिया गया।

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में घायल लोगों में कई युवक और एक बच्चा शामिल बताए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल एक युवक को तत्काल सासाराम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अन्य घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

चिकित्सकों के अनुसार कुछ लोगों को सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल में घायलों के परिजन काफी परेशान नजर आए और लगातार डॉक्टरों से जानकारी लेते रहे।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय थाना पुलिस ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था संभाली और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने झूला संचालकों से पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि झूले का सुरक्षा गेट अचानक खुलने के कारण यह हादसा हुआ। अब प्रशासन यह जांच कर रहा है कि झूले की तकनीकी जांच समय पर हुई थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

इस हादसे के बाद मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में लगे बड़े झूलों की नियमित तकनीकी जांच नहीं की जाती। कई लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ झूलों में सुरक्षा लॉक और बेल्ट की स्थिति पहले से कमजोर दिखाई दे रही थी।

लोगों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी होगी तो इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहेंगी। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मेले में संचालित सभी झूलों की तत्काल जांच कराई जाए और फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना किसी भी झूले को चलाने की अनुमति न दी जाए।पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

देश के विभिन्न हिस्सों में मेलों और मनोरंजन पार्कों में झूला हादसों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कई मामलों में तकनीकी खराबी और सुरक्षा में लापरवाही को दुर्घटनाओं का कारण माना गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े झूलों का संचालन केवल प्रशिक्षित कर्मचारियों की निगरानी में होना चाहिए। इसके साथ ही हर दिन संचालन से पहले तकनीकी परीक्षण अनिवार्य होना चाहिए।

मेले में दहशत का माहौल

हादसे के बाद मेले में पहुंचे लोगों के बीच डर का माहौल देखा गया। कई परिवार अपने बच्चों को लेकर तुरंत मेले से बाहर निकलते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने कहा कि अब वे दोबारा ऐसे झूलों पर बैठने से डरेंगे।

हालांकि आयोजकों की ओर से स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की गई, लेकिन घटना के बाद लोगों का भरोसा प्रभावित होता दिखाई दिया।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। तकनीकी टीम से झूले की जांच कराने की तैयारी की जा रही है। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो झूला संचालकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

लोग अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े मेलों और मनोरंजन कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों का पालन कितनी गंभीरता से किया जाता है।

निष्कर्ष

सासाराम के डिज्नीलैंड मेले में हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। मनोरंजन के लिए लगाए गए झूलों में यदि तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होगा तो ऐसे हादसे लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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